जानिये स्वास्थ्य बीमा के 5 अनजान पहलुओ को

स्वास्थ्य बीमा

एक स्वस्थ्य जीवनशैली सिर्फ बीमारिया होने के खतरों को कम करता है ना की आपको बीमारियों के पहुच से पूरी तरह से दूर रखता है। आज के दौर में एक स्वस्थ्य आदमी जो की पौष्टिक आहार के साथ एक स्वस्थ्य जीवनशैली का पालन करता है, वो भी बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकता है और इसका कारण आजकल की पर्यावरण की बिगड़ती स्तिथि भी है। ऐसे स्तिथि से आप अंदाजा लगा सकते है की आजकल स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से कितने लोग जूझ रहे है।

बढ़ते स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों की गिनती में उछाल के साथ बढ़ती चिकित्सकीय खर्च लोगो के बोझ को और भी बढ़ा रही है और ऐसे में आपके पास एक स्वास्थ्य बीमा होना बेहद जरुरी है। स्वास्थ्य बीमा आपके चिकित्सकीय खर्च के प्रति, लिए गए प्रीमियम के प्रतिफल में कवर प्रदान करती है। पर एक स्वास्थ्य बीमा के फायदे आपके चिकित्सकीय खर्च तक ही सिमित नहीं है। इसके अन्तर्गत आपको विभिन्न प्रकार के फायदे भी मिलते है और अपने स्वास्थ्य बीमा का फायदा उठाने के लिए आपको अपने बीमा के जरुरी पहलुओ को अच्छी तरह से जान लेना भी बेहद जरुरी है।
तो आइए इस लेख के द्वारा हम जाने स्वास्थ्य बीमा के 5 अनछुए पहलुओ को

1. आयुष पद्धतियों के लिए कवर

ज्यादातर लोगो को लगता है की उनका स्वास्थ्य बीमा सिर्फ एलोपैथिक पद्धतियों द्वारा कराये गए इलाज़ के खर्च पर ही सुरक्षा प्रदान करता है पर असल में ऐसा नहीं है। आईआरडीएआई के प्रयासों के कारण, कुछ बीमा कंपनिया आजकल गैर एलोपैथिक पद्धतियों, जैसे की आयुर्वेद, होमियोपैथी, योग इत्यादि के लिए भी कवर प्रदान करती है, जिसकी अधिकतम सीमा और नीयम, बीमा अनुसार होते है। उपरोक्त गैर एलोपैथिक पद्धतियों का कवर, स्वास्थ्य बीमा में आयुष पद्धतियों के कवर के नाम से दिया जाता है। ज्यादातर बीमा कंपनिया आयुष कवर के रूप में आपको आयुर्वेद, होमियोपैथी, योग, यूनानी और सिद्धा जैसे पद्धतियों के खर्च के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है।

2. स्वास्थ्य बीमा मेंं नो क्लेम बोनस

स्वास्थ्य बीमा कंपनिया आपको एक स्वस्थ्य जीवनशैली बनाये रखने के प्रतिफल में नो क्लेम बोनस देती है। बीमा अवधी के अन्तर्गत अगर आप पुरे एक साल तक किसी भी तरह का दावा नहीं करते है तो आपको नो क्लेम बोनस के रूप में प्रीमियम रकम में कटौती या सुनिश्चित राशि में व्रिद्धि मिलती है। प्रीमियम घटने या सुनिश्चित राशि बढ़ने की अधिकतम सीमा आपके बीमा अनुसार होती है। नो क्लेम बोनस से जुड़े सारे नियाम और शर्ते, बीमा ब्रोशर में स्पष्ट रूप में उल्लेखित होते है।

3. घर पर लिए गए उपचार पर कवर

घर पर लिए गए उपचार पर भी आपको अपने स्वास्थ्य बीमा के डोमीसिलिअरी ट्रीटमेंट कवर के अन्तर्गत  वित्तीय सुरक्षा मिलती है। पर घर पर इलाज के कवर को मान्य तभी माना जायेगा जब आपके पास निम्नलखित कारण हो-

– अस्पताल में बिस्तरों की अनुपलब्धता

– या बीमार व्यक्ति अस्पताल जाने में समर्थ न हो

घर पर कराये गए इलाज का एक मान्य डॉक्टर द्वारा निर्धारित होना भी बेहद जरुरी है। घर पर लिए गए उपचार के दिनों और रकम की अधिकतम सीमा आपके बीमा पर निर्भर होती है।

4. अस्पताल नकद हितलाभ

अस्पताल में भर्ती होने के बाद चिकित्सकीय खर्च के अलावा भी काफी खर्चे होते है। परिवहन, खाना, आवास, इत्यादि जैसे खर्चे भी आपके सूचि में जुड़ते जाते है। पर एक स्वास्थ्य बीमा आपको ऐसे खर्चो के लिए अस्पताल दैनिक हितलाभ देती है जिसके अन्तर्गत आपको अस्पताल में होने वाले रोजाना के खर्चो के लिए एक सुनिश्चित राशि मिलती है। इस लाभ के दावे के लिए आपको अपने दैनिक खर्च की कोई प्रमाण भी रखने की जरुरत नहीं।

5. मुफ्त चिकत्सीय जांच

आपको अपने स्वास्थ्य बीमा के अन्तर्गत, 4 -5 दावे मुक्त वर्षो के प्रतिफल में मुफ्त चिकित्सकीय जांच की सुविधा मिलती है। आप इस मुफ्त चिकित्सीकीय जांच को बीमा कंपनी के नेटवर्क अस्पतालों में जाके करवा सकते है। ज्यादातर लोगो के ये लगता है की ऐसे जांच करवाने के बाद उनके प्रीमियम राशि में व्रिद्धि हो सकती है जब की ये बिलकुल ही गलत धारणा है। इस तरह के मुफ्त चिकित्सकीय जांचो का आपके प्रीमियम राशि पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

एक स्वास्थ्य बीमा आपको विभिन्न प्रकार के लाभ देता है और इन फायदों से लाभान्वित होने के लिए आपको इन्हें अच्छी तरह से समझना बेहद आवश्यक है। एक स्वास्थ्य बीमा का जानकार व्यक्ति न ही सिर्फ एक सही बीमा खरीदने में सक्षम होता है बल्कि खरदे हुए बीमा का सही तरह से उपयोग करना भी जानता है। तो अपने स्वास्थ्य बीमा को अच्छी तरह से समझे और इनके लाभो से वंचित होने से बचे।

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Harjot Singh Narula
Harjot Narula is founder and CEO of comparepolicy.com, an IRDAI approved insurance web aggregator focussed on selling online insurance for companies like HDFC Life, Aegon Life, Max Life, Bajaj Allianz and others. Harjot has more than a decade of experience in software development and has also spent 5 years in US working for the mortgage and risk management industry. E-mail ID- harjot.narula@comparepolicy.com

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