कैसे बचें बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से?

आजकल बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) की खबरें रोज अखबरों मे आ रही हैं। धोखेबाज़ लोगों को झाँसे मे लाने के लिय तरह-तरह  के हथकण्डे आज़माते हैं जैसे, झुठे फोन कॉल करना और अपने आप को आई आर डी ए का ऑफिसर बताना, पॉलिसी के झुठे दस्तावेज़ बनाना, बीमा एजेंट का फर्जी पहचान पत्र बना कर लोगों से पॉलिसी करने के नाम पर पैसे लेना और हड़प कर लेना और ना जाने क्या-क्या, जो हम शायद सोच भी नही सकते।

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हम केवल सतर्क रहकर ही अपने आप को इस तरह की बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से बचा सकते हैं।

कोई भी और किसी भी कम्पनी का बीमाधारक इस तरह की बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) का शिकार हो सकता है, तो  कैसे बचें बीमा संबंधी धोखाधड़ी से?

Keep calm and stop insurance frauds

बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से बचने के लिये ध्यान में रखने योग्य बातें

  1. अपनी समस्त पॉलिसीयों में अपनी समपर्क संबंधी जानकारी हमेशा ठीक रखें, जैसे की आपका फोन नम्बर, ईमेल आई डी, आपका नवीनतम पत्राचार का पता आदि ताकि आपको बीमा कम्पनी द्वारा भेजे जाने वाले संदेश जैसे आपकी पॉलिसी की किश्त जमा करने की दिनाँक, आपकी पॉलिसी में भुगतान संबंधी जानकारी एवं अन्य कोई भी परिवर्तन जो आपके द्वारा किया गया हो या नहीं तुरंत मिलते रहें।
  2. बीमा की किश्त में छूट के लालच में ना पड़े, अधिकांश लोग जो इन धोखाधड़ी (Insurance frauds) का शिकार होते हैं वे एजेंट को छूट काट कर नगद पैसे दे देते हैं और धोखेबाज़ों के आसान शिकार बन जाते हैं।To read this Article in English Click Here
  3. कोई भी बीमा कम्पनी एक ही पॉलिसी में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग बोनस नही देती है, ना ही बोनस वितरित करने के लिये बीमा धारक से किसी बैंक खाते में पैसे जमा करने के लिये कहती है। अगर आपके पास इस तरह का कोई भी फोन आये, उस पर ध्यान ना दें एवं अगर कोई शंका हो तो अपने भरोसेमंद एजेंट या अपनी शाखा से सीधे सम्पर्क करें।
  4. अपने पॉलिसी दस्तावेज़ (बॉण्ड) को हमेशा सुरक्षित स्थान पर ही रखें एवं अपने जीवन साथी/भरोसेमंद व्यक्ति की जानकारी में भी रखें।
  5. किसी भी अपरिचित व्यक्ति को अपना पॉलिसी दस्तावेज़ (बॉण्ड) कभी भी न सौपें।
  6. अगर आपके पास कोई फोन आये और कहे की वो आई आर डी ए के ऑफिसर बोल रहे हैं तो ऐसे फोन को काट दें और कोई भी जानकारी ना दें। आई आर डी ए कभी भी पॉलिसी धारकों को बोनस देने और एजेंट के खिलाफ कुछ भी बताने के लिये फोन नही करता। इस तरह के फोन आने के बाद एक बार अपनी शाखा में जाकर अपनी पॉलिसी की ताजा स्थिति अवश्य जान लें और कम्पनी के अफसरों को इस फोन की जानकारी जरूर दें।
  7. अपनी समस्त पॉलिसीयों मे अपने बैंक खाता जुडवा लें, चाहे परिपक्वता दिनाँक कतने वर्ष बाद ही क्युँ ना हो।
  8. अगर कोई बीमा एजेंट आप से पॉलिसी के लिये सम्पर्क करे जिसे आप पहले से नही जानते, उससे प्रथम भेंट में ही पॉलिसी ना लें। उसके पहचान पत्र को जांचे एवं दूसरी भेंट से पहले संबंधित शाखा से उसकी जानकारी अवश्य ले लें। अगर वो सही अभिकर्ता है तो ही उससे पॉलिसी लेने की सोचें।
  9. किसी भी नये अभिकर्ता को नगद रुपये नही दें, सभी भुगतान चेक के माध्यम से ही करें ताकि बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से बचा जा सके। चेक के पृष्ठ भाग पर चेक जारी करने का कारण अवश्य लिखें, जैसेकि “********* (नाम) के नाम पर नये प्रस्ताव हेतु, पॉलिसी 815-20-20, वार्षिक प्रीमियम रू. *******” या ” पॉलिसी संख्या ******** के रिनिवल प्रीमियम हेतु” अवश्य लिखें।
  10. आजकल सभी बीमा कम्पनियाँ नयी पॉलिसी जारी होने की जानकारी प्रस्तावक के मोबाईल नम्बर पर एसएमएस द्वारा भेजते हैं, अगर आपके पास ऐसा मेसेज नही आये तो शाखा से तुर्ंत सम्पर्क करें।
  11. अगर आप हमेशा नगद या चेक अपने एजेंट को देते हैं तो अपनी पॉलिसी की जानकारी हर छः महीने में शाखा से लेते रहें।
  12. अपनी बीमा कम्पनी की साइट पर अपना ऑनलाइन अकाउंट जरूर बनायें, ताकि आपकी पॉलिसी की जानकारी आप कभी भी और कहीं भी ले सके।

आप कभी भी नही जान सकते की धोखेबाज किस तरीके से आपको अपना शिकार बनाएगें, परंतु आप सतर्क रहकर अपने आपको इस तरह की  बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से बचा सकते हैं।

2 Comments on "कैसे बचें बीमा संबंधी धोखाधड़ी (Insurance frauds) से?"

  1. Vijay kant patel | March 4, 2017 at 11:35 am | Reply

    We also agree for one lic plan for my children.
    Please advise me a suteble plan.
    Vijay

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